ऐसा मज़ाक क्यों ?

Image
पति-पत्नी बैठे बात कर रहे थे। पति ने कहा: मैंने सुना है कि स्वर्ग में पति-पत्नी को एक-दूसरे से अलग कर दिया जाता है। पत्नी: ऐसा क्यों?  पति: इसलिए ही तो उसे स्वर्ग कहते हैं!
पत्नी या औरतों का आतंक, उनका पैसे-गहनों से लगाव और बातूनी होना या फिर उनका मोटा या पतला, खूबसूरत या बदसूरत होना मज़ाक के विषय हैं। जैसे ऊपर के चुटकुले का मतलब है कि पत्नी के साथ रहना नरक समान है। ऐसे चुटकुलों से पता चलता है कि समाज में औरतों से जुड़ी क्या धारणाएँ हैं।

हिन्दी फिल्मों में दो महत्त्वपूर्ण हास्य अभिनेत्रियाँ रही हैं – टुनटुन और मनोरमा। दोनों का वज़न ज़्यादा था। उनके शरीर का आकार ही लोगों को हँसाने के लिए काफी था। टुनटुन को जब किसी से मुहब्बत हो जाती या कोई उससे मुहब्बत कर बैठता तो जनता ठहाके लगाती। भला कोई मोटी औरत से प्रेम कैसे कर सकता है? सवाल यह है कि क्या मोटा और महिला होने का मतलब है कि आपके मन में भावनाएँ नहीं?
मनोरमा को फिल्मों में कोई न कोई डाँटता दिखता है। उसे चालाक बताकर शायद यह साबित किया गया कि मोटी यानी खोटी। दरअसल समाज औरतों की एक खास छवि गढ़ता है। नाज़ुक, शर्मीली और कम बोलनेवाली औरत को ही अच्छा माना जाता है। उससे अलग छवि को समाज नकारात्मक तरीके से पेश करता है, जो ऐसे चुटकुलों में साफ दिखता है। इसलिए इनमें बदलाव लाने और नए तरह के हँसी-मज़ाक ढूँढ़ने की ज़रूरत है।
(हो जाएँ लोटपोट पुस्तिका से लेख)
Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s